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 हमें सूचित करें / Inform Us

कर सरकार के राजस्व के मुख्य स्त्रोत हैं। नागरिकों से कर वसूली की जाती है तथा सरकारदवारा जनता को सेवायें प्रदान करने के लिये उनका उपयोग किया जाता है। कुछ नागरिक उनके दवारा दिये जाने योग्य कर का भुगतान नहीं करते हैं(अर्थात वह कर अदायगी छिपाते हैं)। यह कर अपवंचक बहुत से गैर कानूनी तरीके अपनाकर कर चोरी करते हैं।

      अपवंचन कर्ताओं दवारा कर अदायगी न किये जाने पर सरकार को राजस्व की हानी होती है । ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने तथा कर चोरी का पता लगाने के लिये सरकार जनता की सहायता लेती है। इस संबंध में सरकार ने “मुखबिरों” को जो करचोरी का पता लगाने में सहायता करते हैं, उन्हें पुरस्कार देने की योजना बनाई है।

      यह योजना केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में भी लागू है तथा कर अपवंचकों के संबंध में ठोस सूचना देने वाले “मुखबिरों” को रिवार्ड दिये जाते हैं। आम लोगों में से जो केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अपवंचन के संबंध में सूचना देना चाहते हों उनके लिये स्थानीय केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिकारियों से सम्पर्क करके गोपनीय तरीके से सूचना प्रदान करनें की सुविधा है। जो केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अपवंचन का पता लगाने में सहायता कर्ना चाहते हैं उन “मुखबिरों” के लिये प्रश्नोतरी के रूप में कुछ मार्गदर्शन निम्नलिखित है :-

-                      मुखबिर कौन होता है

-                      सूचना क्या होती है

-                      कौन सूचना दे सकता है

-                      मुखबिर को किससे सम्पर्क करना होगा

-                      सूचना कैसे दी जाये

-                      सूचना में क्या-क्या होना चाहिये

-                      केन्द्रीय उत्पाद शुल्क चोरी के संबंध में अपनाये जाने वाले सामान्य तरीके क्या हैं

-                      विभाग सूचना कैसे प्राप्त करता है

-                      मुखबिर कौन से लाभ प्राप्त करता है

-                      रिवार्ड राशि क्या है। इसका निपटान कैसे होता है

-                      झूठी सूचना देने की सजा क्या है।

1.        मुखबिर कौन है ?

    केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति जिसके पास कर चोरी के संबंध में     अपेक्षित सूचना हो वह एक मुखबिर है।

2.       सूचना क्या होती है ?

   जनता से प्राप्त कोई भी उपयोगी संदेश अथवा किसी भी व्यक्ति दवारा इस संबंध में कर चोरी की जालसाजी     का पर्दाफाश करना एक सूचना होती है। यह संदेश आधारित है जिस पर विभाग के अधिकारी आगे जांच व             छानबीन करतें हैं।

3.        सूचना कौन दे सकता है ?

   कोई भी व्यक्ति जो विनिर्माण इकाईयों की अवैध गतिविधियों की जानकारी रखता हो या कोई भी केन्द्रीय           उत्पाद शुल्क करदाता सूचना दे सकता है।

4.        मुखबिर को किससे सम्पर्क करना होगा ?

   एक मुखबिर जिसके पास सूचना हो केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग से सम्पर्क कर सकता है तथा निरीक्षक तथा       उससे उपर की श्रेणी के किसी भी अधिकारी को सूचना प्रदान कर सकता है।

5.          यहाँ सूचना कैसे दी जाये ?

    कोई भी सूचना विभागाध्यक्ष को संबोधित करते हुये लिखित रूप में दी जाये जिसमे सूचना देने वाले के बायें     हाथ के अंगूठे के निशान सहित उसके हस्ताक्षर होने चाहिये । मुखबिरों को कार्यालय में अधिकारियों से मिलने     या दोनों के सुविधा के अनुसार कार्यालय के बाहर भी सूचना प्रदान करने के लिये मिलने की सुविधा है।

6.          सूचना मे क्या-क्या होना चाहिये ?

    सूचना में कर चोरी की जानकारी का ब्यौरा जैसे कि यूनिट का नाम व पता, कर चोरी के लिये अपनाया गया     तरीका तथा उसके लिये जिम्मेवार व्यक्ति तथा कर चोरी से संबंधित अन्य संगत ब्योरे होने चाहिये।

7.           केन्द्रीय उत्पाद शुल्क की कर चोरी में अपनाये जाने वाले सामान्य तरीके कौन-कौन से हैं ?

   केन्द्रीय उत्पाद शुल्क पंजीकरण कराये बिना ही उत्पाद शुल्क योग्य माल का निर्माण और निकासी/ उत्पाद को    छिपाना(अर्थात रिकार्ड में उचित तरीके से लेखा-जोखा न रखकर उन वस्तुओं का विनिर्माण करना), गलत               घोषणा/उत्पाद का कम मूल्यांकन (अर्थात मरम्मत करना दिखाकर विनिर्माण करना आदि/बीजक में घोषित मूल्य    से अधिक मुल्य में माल बेचना) चोरी-छिपे निकासी अर्थात माल का लेखा जोखा न रखते हुये तथा उत्पाद शुल्क    के अदायगी किये बिना ही माल की निकासी)।यहां तक कि जो ट्रांसपोर्टर ऐसे लेखा जोखा रहित माल का               भण्डारण करता है वह भी कार्रवाई किये जाने योग्य है।

 

8.         विभाग सूचना कैसे प्राप्त करता है ?

   विभाग सूचना स्वीकार करता है। विभागीय अधिकारी मुखबिरों तथा सूचना के स्त्रोत की गोपनीयता बनाये रखने    को बाध्य हैं। मुखबिर का नाम व पता गोपनीय रखा जाता है।

9.        मुखबिर को कौन से लाभ प्राप्त होते  हैं ?

   यदि दी गई सूचना सही है तो मुखबिर को नकद पुरस्कार दिया जाता है तथा कर-दाता से अदा किये जाने वाला        शुल्क वसूला जाता है।

10.        पुरस्कार की उपयुक्त राशि क्या है तथा इसका निपटान कैसे होता है ?

    पता लगाये गये तथा वसूले गये शुल्क की राशि का 20 प्रतिशत तक की राशि पुरस्कार योग्य है।

11.       झूठी सूचना देने की सजा क्या है ?

    यदि विभाग को कोई झूठी सूचना दी जाती है तो मुखबिर के विरूद कानूनी कारवाई की जा सकती है।

   सीमा शुल्क, केन्द्रीय उत्पाद शुल्क या सेवाकर अपवंचन के संबंध में हमे सूचना उपलब्ध करायें। आपके दवारा          दी गई मूल्यवान सूचना कर चोरी रोकने में सहायक  होगी। आपको संलिप्त उत्पाद शुल्क राशि का 20 प्रतिशत       तक पुरस्कार दिया जायेगा जो आयकर से छूट प्राप्त है। यदि आपके पास कोई सूचना हो तो निम्नलिखित           किसी  भी अधिकारी से सम्पर्क करें। आपका नाम तथा सूचना पूरी तरह गुप्त रखी जायेगी।

 

 

 

    पुरस्कार योजना वसूली मामलों के मामलों तक बढाई गई है । वसूले गये शुल्क राशि के पांच प्रतिशत तक का उपयुक्त पुरस्कार किसी भी मुखबिर को दिया जा सकता है  जो ऐसे व्यक्तियों के जिनसे सीमा शुल्क अधिनियम,1962 केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम 1944 या सेवा कर अधिनियम,1994 के अंतर्गत वसूली योग्य शुल्क का बकाया,कर,जुर्माना पेनाल्टी आदि वसूली जानी है ऐसे व्यक्तियों या कम्पनियों के पते ठिकाने, परिसम्पतियां, चल-अचल सम्पतियों के संबंध में सूचना देता है।

      पुरस्कार की मात्रा का निर्णय संबंधित मुख्य आयुक्त दवारा किया जायेगा।            

हमें सूचित करें / Inform Us

          Government’s main source of revenue is Taxes. Taxes are collected from citizens and the same are utilised by the Government for providing services to the public. Some citizens do not pay taxes liable to be paid by them (i.e. they evade payment of tax). These tax evaders resort to tax evasion by adopting various illegal methods.

          On account of non payment of taxes by tax evaders, Government stands to lose revenue. In order to curb such illegal activities and to unearth tax evasion, Government also seeks the help of public.  In this regard Government has framed a scheme of rewards to “Informers” who help them in detection of tax evasion.

          This Scheme of rewards also exists in Central Excise department and rewards are given to “Informers” who give concrete information about tax evaders. Members of the Public who are desirous of passing on information about the evasion of Central Excise duty have the facility of contacting the local Central Excise Officers for confidentially passing on the “information”. The following are a few guidelines in Q & A form for “Informers “ who like to help detection of Central Excise Duty evasion:

Who is an informer?

What is an information?

Who can give information?

Whom should an informer contact?

How to give an information?

What should an information contain?

What are the common methods of evasion adopted with regard to Central Excise?

How does the department receive an information?

What benefit does an informer get?

What is the eligible reward amount and how it is disposed?

What is the punishment for false information?

1.Who is an informer?
Any person other than the Officers of the Central Excise who has the requisite information relating to evasion of duty is an informer.
2.What is an information?
An information is any useful message received from the public or any person for that matter revealing fraudulent evasion of duty.  It is the message based on which the department officials conduct further enquiry and investigation.
3.Who can give information?
Any person who is aware of the illegal activities of the manufacturing units or any Central Excise assessee can give an  information. 
4.Whom should an informer contact?
An informer with an information and can contact Central Excise department and deliver the information to any Officer of the rank of Inspector and above.  
5.How to give an information?
An information has to be given in writing addressed to the Head of the department, after affixing the signature of the person giving the information along with the left-hand thumb impression. Informers have the facilities of meeting the officers at office or even outside the office at mutually convenient places for passing on the information.
6.What should an information contain?
An information should contain details of the evasion known, such as name & address of the unit, method adopted for the evasion, the persons responsible and all other relevant details connected with the evasion.
7.What are the common methods of evasion adopted with regard to Central Excise?
Manufacture and clearance of excisable goods without obtaining Central Excise Registration. Suppression of production  (i.e manufacturing the goods without properly accounting the same in the records.)  Mis-declaration / under-valuation of the product. (i.e manufacturing under the guise of repair..etc/ selling the goods at higher price than that is declared in invoices) Clandestine removal.  (i.e removing the goods without accounting the same and with out payment of duty). Even a transporter who stores such unaccounted goods is liable for action. 
8.How does the department receive an information?
The department acknowledges the information.  The Departmental Officers are bound to maintain secrecy about the Informers and the source of information. The name and address of the informer is kept confidential.  
9.What benefit does an informer get? 
An informer is given the cash reward if the information given is correct and the duty payable by the assessee is recovered. 
10.What is the eligible reward amount and how it is disposed? 
The eligible reward amount is up to 20% of the duty evasion detected and realised.  
11.What is the punishment for false information?
If any false information is given to the department, legal action can be initiated against the informer.

 Provide us information regarding evasion of Customs duty, Excise duty or Service Tax. Your valuable information will help in checking evasion. You will be rewarded upto 20% of the amount of duty involved which is exempted from income tax. If you have any information, please contact any of the following Officers. Your Name and information will be kept absolutely confidential.

 

नाम ( सर्व/श्री )
Name(S/Sh.)

पद नाम
Designation

दूरभाष संख्या
Phone No.

फैक्स संख्या

 FAX No.

 

के.जे चौधरी

K.J CHAUDHRY


 

प्रधान आयुक्त

Principal Commissioner

  0172-2721602

 0172-2721607

एच.बी नेगी

H.B Negi
 

अपर आयुक्त

Additional  Commissioner

  0172-2703488

  0172-2544075

  Reward scheme extended to cases of recovery

A suitable reward upto 5% of the amount recovered can be given to any informer who gives information regarding the whereabouts, assets, movable and immovable properties of persons or companies from whom arrears of duty, tax, fine, penalty etc. are recoverable under the Customs Act, 1962, the Central Excise Act, 1944 or Service Tax Act, 1994.  The quantum of reward will be decided by the Chief Commissioner concerned.


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